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BeelievingVision
जर्नल

दिशा · 7 मिनट में पढ़ें

व्यस्त, कामकाजी… फिर भी अधूरी?

Evelyn Mayes

5 अगस्त 2026

आप व्यस्त हैं। कामकाजी हैं। भरोसेमंद हैं। वही, जिसके पास हर कोई मदद के लिए आता है।

फिर भी, दिन के आखिर में एक धीमा-सा सवाल मन में ठहर जाता है: क्या बस यही है?

व्यस्त होना और सही राह पर होना एक बात नहीं

मैं जिन महिलाओं के साथ काम करती हूँ, उनमें से कई ने बरसों — कभी-कभी दशकों — अपने परिवार, कार्यस्थल और समुदाय को बिना रुके दिया है। इसमें बहुत खूबसूरती है। पर इस राह में कहीं न कहीं खुद से जुड़ाव खो देना बहुत आसान है।

मैं जानती हूँ, क्योंकि मेरे साथ भी ऐसा हुआ। सोशल वर्क और लीडरशिप में एक दशक से ज़्यादा, और फिर बर्नआउट, तलाक और आर्थिक नुकसान ने मुझे सिखाया कि भरा हुआ कैलेंडर और भरी-पूरी ज़िंदगी एक बात नहीं है।

अपने “क्यों” से फिर जुड़ने के तीन सवाल

  1. अगर किसी और की उम्मीदों का कोई मतलब न होता, तो मैं क्या ज़्यादा करती?
  2. मेरी हफ़्ते भर की ज़िम्मेदारियों में से कौन-सी सच में मुझमें रोशनी भरती हैं — और कौन-सी बस जगह भरती हैं?
  3. अगर कुछ नहीं बदला, तो आज से एक साल बाद मैं कैसा महसूस करूँगी?

अपने जवाबों के साथ कुछ देर बैठिए। कुछ भी ठीक करने की जल्दी मत कीजिए। जगह देने पर स्पष्टता अक्सर चुपचाप आ जाती है।

ऐसी ज़िंदगी बनाइए जो सिर्फ़ आपके कैलेंडर को नहीं, आपकी असली पुकार को दर्शाए

जब आपके पास एक लिखा हुआ विज़न होता है, तो हर फ़ैसले के लिए आपको एक कसौटी मिल जाती है। अचानक उस चीज़ को ना कहना आसान हो जाता है जो आपको थका देती है, और उसे हाँ कहना जो आपको आगे बढ़ाती है। आप सिर्फ़ व्यस्त नहीं रहतीं — केंद्रित और सोच-समझकर चलने वाली बन जाती हैं।

मेरा अपनी गति से चलने वाला प्रोग्राम Beelieve in Your Vision छह कोमल हफ़्तों में, कदम-दर-कदम, आपको इस पूरी प्रक्रिया से गुज़ारता है।

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